सर्वेक्षण अधिकारियों को करना पड रहा है दिक्कतों का सामना
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सांगली से सुधीर गोखले की रिपोर्ट,
सांगली: महाराष्ट्र राज्य मे बुधवार से मराठा आरक्षण के विषय में राज्य मागास आयोग कि ओर से सर्व्हे शुरू किया गया है। जिसमे जुड़े सर्वेक्षण अधिकारियों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। सर्वेक्षण के अंतर्गत जुड़े कई घरो मे प्रगणको को लगभग आधे घंटे से ज्यादा वक्त व्यतीत करना पड़ रहा है । जब कि आयोग से मिले सुचना के अनुसार हर एक प्रगणक को एक दिन मे दस घरो का सर्व्हे करने कि सूचना दि गई है । एक सर्व्हे करता ने अपना नाम ना लेने कि शर्त पर समाचार वाणी से वार्तालाप करते हुए बताया की काफ़ी घरो में किए जाने वाले सर्व्हे बीच पूछे जाने वाले प्रश्नो का सही जवाब नहीं दिया जाता और आधार कार्ड की मांग करने के बावजूद लोग डर के कारण नही दिखाते।
२३ जनवरी से ३१ जनवरी तक ये सर्व्हे पुरे करने के राज्य मागास आयोग के आदेश है। इस परिस्थिति मे आयोग की तरफ से आठ दिन मे सर्व्हे पुरा करने के आदेश का पालन करना लगभग नामुमकिन बात है। सांगली जिले मे इस काम के लिये लगभग पाच हजार प्रगणक जुटे हुए है। जिनमे जिला परिषद के शिक्षक गण महापालिका के अधिकारी कर्मचारी शामिल है।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलनकर्ता मनोज जरांगे पाटील अब मुंबई शहर में किए जानेवाले अनशन आंदोलन के लिये प्रस्थान कर चुके है । इस दौरान राज्य मागास आयोग का प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द ये सर्व्हे पुरा कर राज्य शासन को रिपोर्ट सोपी जाये । जारी सर्व्हेक्षण मे मराठा समाज के साथ और भी समाजो का सर्व्हे शामिल है । इस वजहसे इस सर्व्हे मे एक-एक घर मे बहुत वक्त जाया हो रहा है । राज्य मागास आयोग ने लगभग डेढ़ सो से जादा सवालोकीं लिस्ट प्रकाशित कि है । इन प्रश्नोंके जवाब देते समय लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधवा औरतो को कुमकुम लगाने कि अनुमती, हिंदू धर्म मे किए जाने वाले धार्मिक विधि इन जैसे प्रश्न जो इस सर्व्हेक्षण से मायने नही रखते वो पूछे जा रहे है। कई घरो से ऐसी शिकायतें भी सामने आई है।
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