दुआ कीजिए कि जल्द खत्म हो जाए इजरायल-ईरान की जंग, वरना मुश्किल में आ जाएंगे आप, इस चीजों के लिए तरस जाएंगे लोग.
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Israel-Iran War effectमिडिल ईस्ट में युद्ध का तनाव दुनियाभर पर दिखने लगा है. इजरायल और ईरान दोनों एक दूसरे को खत्म कर देने पर उतारू हैं. इजरायल की ओर से बमबारी हो रही है तो ईरान बदला लेने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है. इस युद्ध का असर भारत पर भी पड़ने वाला है.
मिडिल ईस्ट में युद्ध का तनाव दुनियाभर पर दिखने लगा है. इजरायल और ईरान दोनों एक दूसरे को खत्म कर देने पर उतारू हैं. इजरायल की ओर से बमबारी हो रही है तो ईरान बदला लेने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है. एक-दूसरे को सबक सिखाने पर आमादा ईरान और इजरायल भले ही आपस में लड़ रहे हो, लेकिन इसका नुकसान भारत समेत दुनियाभर के देशों को होने वाला है. इस युद्ध की आग की लपटे भारत को भी अपनी चपेट में लेने वाली है. इस युद्ध का छोटा सा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा, जहां पहली बार सेंसेक्स 1800 अंक तक नीचे खिसक गया. युद्ध की आग की तपस सिर्फ शेयर बाजार पर ही नहीं बल्कि आम लोगों तक पहुंचने वाली है.
इजरायल-ईरान युद्ध का भारत पर असर
इजरायल और ईरान के बीच खत्म न होती ये युद्ध भारत को भी अपने चपेट में ले सकती है. इस युद्ध से भारत को हजारों करोड़ का नुकसान हो सकता है. सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था नहीं बल्कि आम लोगों की मुश्किल बढ़ सकती है. इजरायल ईरान के बीच युद्ध के चलते भारत में कई चीजों की सप्लाई बाधित हो सकती है, जिसका असर कीमतों पर पड़ेगा, यानी देश में उन सामानों की उपलब्धता और उसकी कीमत पर असर पड़ सकता है. इस युद्ध के चलते सनफ्लावर ऑयल, क्रूड ऑयल, सोने समेत उन चीजों की कीमतें बढ़ सकती है, जिसका आयात इजरायल या ईरान से होती है.
आपकी रसोई पर महंगाई की मार
मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलने लगी है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.22 फीसदी बढ़कर 72.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. क्रूड ऑयल की कीमत में तेजी का मतलब है सीधा आपकी जेब पर असर. चूंकि भारत कच्चे तेल के लिए आयात पर निर्भर है और आयात में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रूस की है, इसके अलावा इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से तेल खरीदता है. युद्ध की वजह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का मतलब है सब्जी, दाल, फल-फूल की कीमतों में बढ़ोतरी यानी आपके रसोई के बजट पर असर।
इन चीजों की सप्लाई होगी बाधित
इजरायल-ईरान युद्ध के चलते चावल सप्लाई पर असर होगा. भारत बासमती चावल का कुल 19 प्रतिशत हिस्सा ईरान को निर्यात करता है. इस युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित होने से भारतीय व्यापारियों पर असर पड़ेगा. इसी तरह का असर चाय कारोबारियों पर भी दिखव सकता है, क्य़ोंकि भारत से बड़ी मात्रा में चाय ईरान को भेजी जाती है. साल 2023-24 में भारत ने ईरान को 32 मिलियन डॉलर चाय का निर्यात किया. इस युद्ध के चलते सप्लाई बाधित होने का असर दिक सकता है. इसी तरह से भारत ईरान से सनफ्लावर ऑयल का आयात करता है. युद्ध की वजह से निर्यात में दिक्कत आने से भारत में सनफ्लावर ऑयल की कीमतें बढ़ सकती है.
सोने में लगी आग
ईरान-इजराइल युद्ध के बीच सोने की तेजी आपकी परेशानी बढ़ा सकती है. चूंकि सोने को हमेशा सुरक्षित निवेश ही माना गया है. ऐसे में युद्ध के बीच सिर्फ खाने-पीने की चीजें नहीं बल्कि सोने की मांग बढ़ जाती है. आम निवेशक से लेकर बड़े-बड़े देश सोना खरीदने लगते हैं, ताकि मुसीबत की घड़ी में सोना ही गिरवी भी रखा जा सके. इस युद्ध के कारण सोने की कीमत लगातार बढ़ने लगी है. सोने की कीमत 78,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा चुके हैं. माना ये तक जा रहा है कि सोना 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार तक जा सकता है.
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