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    April 15, 2025

    अमित शाह ने कहा, ‘100 साल में वक्फ के पास 18 लाख एकड़ जमीन है, पिछले 12 साल में इसमें 21 लाख एकड़ की बढ़ोतरी हुई है।’

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    लोकसभा में वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंकड़े पेश किए कि पिछले 12 सालों में वक्फ बोर्ड के पास कितनी जमीन बढ़ी है।

    वक्फ (संशोधन) विधेयक बुधवार देर रात लोकसभा में पारित हो गया। विधेयक के पक्ष में 288 तथा विपक्ष में 232 सांसदों ने मतदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण में जानकारी दी कि किस प्रकार वक्फ बोर्ड ने जमीन अधिग्रहण कर उसका दुरुपयोग किया। भारत में वक्फ की शुरुआत 12वीं शताब्दी में हुई। प्रारंभ में दो गांव वक्फ को दिए गए थे। इसके बाद अब वक्फ के पास 3.9 मिलियन एकड़ जमीन है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में वक्फ के अधीन भूमि की मात्रा दोगुनी हो गई है। इस अवसर पर उन्होंने वक्फ के कब्जे वाली जमीन पर विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए।

    अमित शाह ने कहा, ‘वक्फ के पास कुल 39 लाख एकड़ जमीन है, जिसमें से 21 लाख एकड़ जमीन पिछले 12 सालों में अधिग्रहित की गई है और विपक्ष कह रहा है कि वक्फ का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है।’ शाह ने बताया कि वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन किया गया है।

    पिछले साल सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 9.4 लाख एकड़ क्षेत्र में से 8.72 लाख एकड़ संपत्ति भारतीय वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में थी।

    वक्फ वह भूमि है जो किसी इस्लाम अनुयायी व्यक्ति द्वारा धार्मिक उद्देश्यों के लिए दान की जाती है। वक्फ परिसंपत्तियां अचल और चल दोनों प्रकार की होती हैं। इन संपत्तियों का उपयोग आमतौर पर शैक्षणिक संस्थानों, कब्रिस्तानों, मस्जिदों और आश्रय गृहों को चलाने के लिए किया जाता है। जो व्यक्ति वक्फ के लिए संपत्ति दान करता है, वह अपनी संपत्ति वापस नहीं ले सकता। यह संपत्ति स्थायी वक्फ संपत्ति के रूप में कानून द्वारा संरक्षित है। भारत में वर्तमान में एक केन्द्रीय और 30 राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड हैं।

    वक्फ संपत्ति का दुरुपयोग
    2014 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए वक्फ अधिनियम में संशोधन किया गया। किसी भी भूमि को ‘वक्फ’ मानने की अनुमति दी गई। इन बोर्डों या वक्फ परिषद का निर्णय अंतिम माना जाता था। इसके विरुद्ध न्यायालय में अपील करने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया। क्या कांग्रेस सरकार का यह निर्णय असंवैधानिक नहीं था? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आलोचना की।

    वक्फ बोर्ड द्वारा भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी के कारण भूमि का दुरुपयोग हो रहा है। वक्फ बोर्ड ने 20,000 संपत्तियां किराये पर दे रखी थीं। लेकिन 2025 में इन परिसंपत्तियों की संख्या शून्य हो जाएगी। तो फिर ये परिसंपत्तियां कहां गईं? अमित शाह ने भी यह सवाल उठाया।

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