रतन टाटा जी का मृत्युपत्र! कंपनी के शेयरों से लेकर विदेशी शेयरों तक, किसे क्या मिला?
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रतन टाटा ने अपनी 3,900 करोड़ रुपये की संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा ‘रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन’ और ‘रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट’ को दान कर दिया है।
प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा का पिछले वर्ष निधन हो गया। अब, उसकी वसीयत के अनुसार उसकी संपत्ति किसे दी गई? यह बात प्रकाश में आ गई है। उनकी संपत्ति लगभग 3900 करोड़ रुपये है। जिसमें टाटा संस के शेयर और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। वसीयत में दी गई जानकारी के अनुसार संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान कर दिया गया है। रतन टाटा एंडोमेंट और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट को भी दान दिया गया है। इस राशि का उपयोग सामाजिक सेवा के लिए किया जाएगा।
रतन टाटा की बहनों को भी मिलेगा संपत्ति में हिस्सा
रतन टाटा की एक तिहाई संपत्ति, जो लगभग 800-850 करोड़ रुपये है, में बैंक एफडी शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों में वित्तीय उपकरण, घड़ियां और पेंटिंग्स शामिल हैं, जिन्हें रतन टाटा की सौतेली बहनों शिरीन जेजीभॉय और दीना जेजीभॉय को हस्तांतरित कर दिया गया है। एक तिहाई हिस्सा मोहिनी एम. को दिया जाएगा। यह टाटा समूह की पूर्व कर्मचारी दत्ता को दिया जाएगा।
रतन टाटा के भाई को क्या मिला?
रतन टाटा के भाई जिम्मी नवल टाटा को जुहू स्थित बंगले का हिस्सा मिलेगा। इस बीच रतन टाटा के करीबी दोस्त मेहली मिस्त्री को अलीबाग की सारी संपत्ति और 25 बोर की पिस्तौल समेत तीन बंदूकें उनके दोस्त को दे दी गई हैं।
वसीयत में पालतू जानवरों के लिए भी प्रावधान
रतन टाटा ने अपने पालतू जानवरों के लिए 12 लाख रुपये का फंड मुहैया कराया है, जिससे प्रत्येक पशु को हर तीन महीने में 30,000 रुपये मिलेंगे। उनके सहायक शांतनु नायकुडु के छात्र ऋण और पड़ोसी जेक मालाइते के ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण को माफ कर दिया गया है।
रतन टाटा की विदेशी परिसंपत्तियों के बारे में क्या?
रतन टाटा की विदेशी परिसंपत्तियों (लगभग 40 करोड़ रुपये) में सेशेल्स में जमीन, वेल्स फार्गो और मॉर्गन स्टेनली में बैंक खाते तथा कंपनियों में शेयर शामिल हैं। उनकी 65 मूल्यवान घड़ियाँ (बुल्गारी, पाटेक फिलिप, टिसोट, आदि) भी संपत्ति में शामिल हैं। उनकी वसीयत के अनुसार, सेशेल्स की जमीन ‘आरएनटी एसोसिएट्स सिंगापुर’ को मिलेगी। जिमी टाटा को चांदी के बर्तन और कुछ आभूषण मिलेंगे, जबकि साइमन टाटा और नोएल टाटा को जुहू की शेष संपत्ति मिलेगी।
मेहली मिस्त्री को अपना अलीबाग बंगला उपहार में देते हुए रतन टाटा ने लिखा था कि इस संपत्ति के निर्माण में मिस्त्री का बहुत बड़ा योगदान है और उम्मीद है कि यह स्थान उन्हें एक साथ बिताए गए सुखद क्षणों की याद दिलाएगा। संपत्ति का बंटवारा अदालत में वसीयत की पुष्टि के बाद ही किया जाएगा, जिसमें 6 महीने का समय लग सकता है।
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